झूम उठी बालों की देवी / सारा जोसेफ़
पहले भाग से आगे : कुटज के नीचे खुले बाल , खुली आँखों और चमकीली हँसी के साथ जैसे उस ने खुद अपना आविष्कार किया हो । फन फैलाये काले सर्प की तरह बालों की लटें , लहरा – लहरा कर मंजरी भरी कुटज की शाखाओं पर लिपट गईं । बारिश की तरह बरसते फूलों [...]
May 18 2010 03:29 PM



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