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वफदारी के दलाल-हिन्दी शायरी
हुक्मरानों ने तय कर दी सरहदें आम इंसानों का रास्ता रोकने के लिये, उनकी तन्ख्वाहों पर पलने वाले पहरेदार खड़े हैं आजादी से चलने वालों को टोकने के लिये। सिंहासन पर बैठने वाले चलते हैं उड़न खटोले में सांस लेते हैं मातहतों के टोले में, बेईमानों और दहशतगर्दों का
Jun 02 2010 11:08 PM



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