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बौनेपन का अहसास-हिन्दी शायरी

हम जो भी दृश्य देखते उस पर सोचने लगते हैं, अपने अंतर्मन में पहले से ही स्थित तयशुदा विश्लेषणों के अनुसार उस पर निकालते हैं निष्कर्ष। हम कुछ सुनते हैं उस पर वैसे ही सोचते हैं जैसे कि पहले सुना हो। हम स्पर्श करते हैं फूल या लोहा बेपरवाह होकर जैसे कि उनको
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वफदारी के दलाल-हिन्दी शायरी

हुक्मरानों ने तय कर दी सरहदें आम इंसानों का रास्ता रोकने के लिये, उनकी तन्ख्वाहों पर पलने वाले पहरेदार खड़े हैं आजादी से चलने वालों को टोकने के लिये। सिंहासन पर बैठने वाले चलते हैं उड़न खटोले में सांस लेते हैं मातहतों के टोले में, बेईमानों और दहशतगर्दों का
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जुबां का रिश्ता-हिन्दी शायरी

आखों से अब अश्क नहीं बहते क्योंकि दर्द का दरिया सूख गया है, जहां दिल लगाया दिल्लगी समझ जमाने ने मुंह फेरा अब बयां नहीं करते किसी से अपने हाल अपनी ही हकीकतों से हमारी जुबां का रिश्ता टूट गया है। ———- उनकी प्यार भरी निगाहें देखकर हमने
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भूत की सवारी-हिन्दी व्यंग्य

एक विशेषज्ञ का मानना है कि अफगानिस्तान में अमेरिकी हमले में बिन लादेन बहुत पहले ही मारा जा चुका है पर अमेरिका के रणनीतिकार युद्ध जारी रखने के लिये उसका भूत बनाये रखना चाहते हैं ताकि वहां की खनिज, कृषि और तेल संपदा पर कब्जा बना रहे। ऐसा लगता है कि अमेरिकन