वादा कर के मुकर गया कोई
वादा कर के मुकर गया कोई,
आँखों में अश्क दे गया कोई।
दे दीं हर धड़कनें जिसे हमने,
साँसों का क़त्ल कर गया कोई ।
रोज़ आते थे जो हमारे दर पर,
गर्दिश-ए-वक़्त छल गया कोई ।
नूर-ए-दिल था जो कभी अपना,
आज बेनूर बन गया कोई ।
दिल की गलियों में जो विचरते थे,
बिन कहे दिल
Apr 19 2010 06:35 AM



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