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यूँ ही उदास है दिल बेक़रार थोड़ी है

यूँ ही उदास है दिल बेक़रार थोड़ी हैमुझे किसी का कोई इंतज़ार थोड़ी हैनज़र मिला के भी तुम से गिला करूँ कैसेतुम्हारे दिल पे मेरा इख्तियार थोड़ी है मुझे भी नींद न आए उसे भी चैन न होहमारे बीच भला इतना प्यार थोड़ी है खिज़ा ही ढूंडती रहती है दर-ब-दर मुझकोमेरी तलाश मैं
 
JATINDER PARWAAZ
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मुझ को खंज़र थमा दिया जाए

मुझ को खंज़र थमा दिया जाए फिर मिरा इम्तिहाँ लिया जाए ख़त को नज़रों से चूम लूँ पहले फिर हवा में उड़ा दिया जाए तोड़ना हो अगर सितारों को आसमाँ को झुका लिया जाए जिस पे नफरत के फूल उगते हों उस शजर को गिरा दिया एक छप्पर अभी सलामत है बारिशों को बता दिया जाए सोचता
 
JATINDER PARWAAZ
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