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त्रिप्रयार का श्री राम मंदिर और “स्नेह तीरम” समुद्र तट

केरल में गर्मी से बचने के लिए हम बच्चों के साथ पहाड़ियों की सैर में निकल पड़े थे जैसा पिछले पोस्ट “केरल में मस्ती भरी एक शाम“ में बताया था. दूसरे दिन सुबह होते ही चिल्हर पार्टी, शाम फिर कहीं बाहर जाने के लिए उतावली थी. रात हमें बताया गया था कि
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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समुद्राएवढी आई आणि अलिबाग ( On Beach with My Mother )

आई तर समुद्राएवढी असते. पण समुद्राएवढ मोठेपण असणाऱ्या माझ्या आईने तिच्या उभ्या आयुष्यात समुद्रच पहिला नव्हता. आपल्या आईने अद्याप समुद्र पहिला नाही याची मला कोणतीही जाणीव नव्हती. ( My mother is another image of sea. But she never visit a sea in her life.)
 
vijayshendge
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भटकंती

खरंतर मला गावभर फिरण्याची थोडा अधिक चांगला शब्द वापरतो ‘ भटकंतीची ‘ खूप हौस आहे. पण माझा खिसा नेहमीच खूळखुळत असतो ( हा शब्द प्रयोगही वेगळ्या अर्थाने ) म्हणजे माझ्या खिशात फारसे पैसे नसतात या अर्थाने वापरला आहे हे रसिकांनी लक्षात घ्यावं.
 
vijayshendge
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केरल में मस्ती भरी एक शाम

इस वर्ष दुबारा केरल जाना हुआ. वह भी मई के महीने में. रेलगाड़ी का सफ़र तो सुखदायी रहा परन्तु वहां पहुँचने पर जो अनुभूति हुई उसकी कल्पना से ही डर लगता है. वैसे तापमान तो अधिक नहीं कहा जा सकता था, लगभग ३८-४० के करीब, लेकिन तटीय प्रदेश होने से उमस अत्यधिक थी
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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GOAN BEACH****

I have always shared with you the pictures clicked by my son and me as we are the ones who love to click pictures, but my dear hubby is not bad at clicking pictures too Yayyyyy.....So here are some fabulous pictures clicked by him on the beach when he
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VADA STALL***

OHhh..... I love the look of this stall so simple and yet so pleasing , after living in a city with big shops, malls and dazzling food joints it was  so refreshing for me to see a simple eating place where people from the village come to have a
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SAKT PAN****

My hubby's uncle who I mentioned in my earlier post has a salt pan where natural salt is produced during the summer months .As we were staying with our uncle, our first morning in Goa always starts with a walk to his salt pan and enjoying the view around
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UNCLE'S GARDEN ****

For most the days that we stayed in Goa we spent most of our time at my hubbys favorite uncles house, This house is more than 150 yrs old and was built by my hubby's great great grandfather.Sorry that did not click pictures of this fabulous house ,Its
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With Dr.A.P.J. Abdul Kalam

I am a great admirer of Former President Dr.A.P.J. Abdul Kalam and inspired a lot by his book “Wings of Fire”. He is one of the few leaders in modern India who is a true role model to young Indian’s. Previously I had attended one of his talks on the
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Visit to Fort St.George, Chennai

Though I have been to Tamilnadu Government Old Secretariat (which is inside Fort St.George campus) few times, I haven’t had time during those visits to explore the historic places. Today I had few hours to spare and I decided to see around the Fort, both
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BACK FROM GOA****

BACK FROM A WEEK LONG VACATION TO GOAI was in Goa the whole of last week and had a fabulous time there, lot of tasty and yummy food , time to relax and to catch up with relatives who we meet probably once a year.I have taken lots and lots of 
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कांचीपुरम – कैलाशनाथ का मंदिर.

भारत में सतवाहन राज वंश की शक्ति क्षीण होनेपर दक्षिण में पल्लवों के रूप में एक नयी शक्ति का उदय हुआ. इनके साम्राज्य में पूरा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का उत्तरी भाग शामिल था. इन्होने कांचीपुरम को अपनी राजधानी बनायीं और ४ थी से ९ वीं सदी तक राज किया.
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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आदि शंकराचार्य जी की जन्मस्थली – कालड़ी

अवसर था मेरे एक भतीजे का उपनयन संस्कार. हम छै भाईयों में नीचे से दूसरे पायदान पर एक भाई कोच्ची के जहाजरानी निगम में कार्यरत है. उसे मालूम था कि हम गर्मियों में यात्रा नहीं करते परन्तु हमसे भी रहा नहीं गया. प्यार से बुलाया है तो जाना ही पड़ेगा भले हम अपनी
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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हरि शर्मा जी से एक मुलाकात

एक दिन की जोधपुर यात्रा से आज सुबह लौटा हूँ और अब फिर से सामान तैयार हैं शोभा सहित रवाना हो रहा हूँ, फरीदाबाद के लिए। उसे बेटी के पास छोड़ मैं निकल लूंगा दिल्ली। वहाँ राज भाटिया जी से भेंट होना निश्चित है। और किस किस के साथ भेंट हो सकेगी यह तो यह तो वहाँ
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
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सैन फ्रांसिस्को की हमारी ताज़ा यात्रा

अमरीका में रहते हुये अब ५ साल से ऊपर हो गए मगर पश्चिम में जाने का मौका हमें अब मिला। यूँ तो यात्रा करीब ४ दिन की थी, मगर दौड़ भागी में ही समय निकल गया और पर्यटन कम हो पाया। लेकिन हर नयी जगह का अपना अनुभव अलग ही होता है। सबसे बड़ी गलती ये कि हम जाते व
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मिनिआपोलिस की हमारी यात्रा

अमेरिकन सोसाइटी ऑफ़ एग्रिकल्चरल ऎंड बायोलोजिकल इंजीनीयर्स (ASABE) की वार्षिक संगोष्ठी इस बार मिनिआपोलिस में आयोजित की गयी थी। इस बार संगोष्ठी में हम भी अपने शोध का हिस्सा प्रस्तुत करने गए the। मिनिआपोलिस भी एक बड़ा शहर है। सैंट पॉल के साथ इन दोनो शहरो
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विश्व की संगीत राजधानी – वियाना

इस चिट्ठी में वियाना यात्रा का वर्णन है। yeh chitthi vienna yatra ka varnan hai. This post is about my visit to Vienna.
 
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विश्व की संगीत राजधानी – वियाना

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नालसोपारा (मुंबई), एक प्राचीन बंदरगाह और बौद्ध स्तूप

हमने पिछली पोस्ट में बताया था कि मुंबई प्रवास में कुछ आस पास की जगहों को देखने गए थे. वज्रेश्वरी के गरम पानी के कुन्ड भी उनमे एक थे. वहां से लौटते समय पुनः वीरार आना ही था जहाँ हम ५ बजे शाम ही पहुँच गए. बचे हुए समय का पूर्ण दोहन [...]
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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दीवार तोड़ो, दिल जोड़ो: बर्लिन की यात्रा

इस चिट्ठी में मेरी बर्लिन यात्रा का वर्णन है। is chitthi mein berlin yatra ka varnan hai. This post is about my trip to Berlin.
 
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जहाँ सर्प स्वछन्द घूमते है

पांच या छह माह पूर्व स्थानीय समाचार पात्र में एक खबर छपी थी कि उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक बिच्छू दरगाह है. ८०० साल पहले सैय्यद सर्बुद्दीन ईरान से यहाँ आये थे. संभवतः कोई सूफी संत रहे होंगे. उन्हें बिच्छू वाले बाबा भी कहा जाता है. इस दरगाह के अन्दर
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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पालक्काड का किला हैदर का या टीपू का?

पालघाट या आज का पालक्काड केरल में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थल है. यही एक दर्रा है जहाँ से केरल के अन्दर प्रवेश हो सकता है और प्राचीन काल से प्रवेश होता रहा है. यह बताना आवश्यक तो नहीं परन्तु फिर भी कह देते हैं कि पश्चिमी घाट पर्वत श्रंखला दक्षिण में लगभग
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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गुलाबी नगरी – जयपुर

कल ही अलबेला खत्री जी के ब्लॉग पर जाना हुआ और और देखिये क्या लिखा है उन्होंने जयपुर के बारे में: सुबह गुलाबी शाम गुलाबी दिवस गुलाबी रात गुलाबी जित देखूं तित बात गुलाबी हमारे पिछले तीन आलेख जयपुर से ही सम्बंधित रहे. लेकिन जयपुर के ऐतिहासिक स्मारकों के
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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अम्बेर किले से जुडा बंगाली समाज

पिछले वर्ष ही पुत्र के साथ जयपुर जाना हुआ था. दो तीन दिन का प्रवास था. जयपुर के मुख्य रेलवे स्टेशन के पास ही हमें एक साधारण परन्तु अच्छे होटल में जगह मिल गयी. होटल किसी बंगाली कायस्थ का था. दुपहर में खाना वाना कर लेने के बाद हम लोग सीधे १६ किलोमीटर द
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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झील पर तैरते टापू

दक्षिण अमरीका की सबसे ऊंची और लम्बी पर्वत श्रंखला “एंदेस” (Andes) (हिमालय के बाद यही पृथ्वी पर सबसे ऊंची पर्वत श्रंखला है) उस महाद्वीप के उत्तर से दक्षिण तक लगभग ७००० किलोमीटर लम्बी है. इसी पर्वत के ऊपर दुनिया का सबसे ऊँचाई में स्थित (समुद्र तल से ३८
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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उडुपी

कन्नूर (Cannanore) में कुछ दिन रुकना हुआ था और तभी हम मदिरा प्रिय मुथप्पन के मन्दिर जा पाये थे. हमलोगों को उडुपी आकर्षित कर रही थी. रेलगाडी से भी जाया जा सकता था लेकिन आस पास भ्रमण के लिए अपने स्वयं का या किराये का वाहन ज्यादा उपयुक्त था. सो हम लोगो
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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देवता यहाँ भी मदिरा माँगते हैं

केरल में कन्नूर या कन्ननोर से मात्र २० किलो मीटर की दूरी पर उत्तर की ओर पहाड़ी की तलहटी में एक गाँव है परस्सनिकडवु. जहाँ वालपट्नम नामक नदी के आकर्षक किनारे पर बना हुआ है एक विशाल मंदिर और जिस देवता के लिए यह समर्पित है वह हैं मुथप्पन. एक ऐसा देव जिसे
 
पा.ना. सुब्रमणियन
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रेल के स्लीपर डब्बों में ‘अतिरिक्त सीट’ पर एक सर्वेक्षण

कुछ दिन पहले सफर की कतरनें लिखते समय भारतीय रेले के स्लीपर क्लास डब्बों में साइड में तीसरी बर्थ घुसा देने से हुई परेशानी पर लिखा था…। कुछ अन्य लोगों ने भी इससे हुई परेशानी का जिक्र किया था। सागर भाई ने भी अपनी एक पोस्ट में इसका जिक्र किया था। र