jai gomata jai gopala.
।। श्री गोभ्यः नमः।। आनंदवन पथमेड़ा भारत देश की वह पावन व मनोरम भूमि है जिसे भगवान श्री कृश्ण ने कुरूक्षेत्र से द्वारिका जाते समय श्रावण,भादो महिने में रूककर वृन्दावन से लायी हुई भूमण्डल की सर्वाधिक दुधारू,जुझारू,साहसी,शौर्यवान,सौम्यवान,ब्रह्मस्वरूपा
Jun 10 2010 10:16 AM



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