"बरसात हो"
"बरसात हो" "काश" आज फ़िर ऐसी झूम के बरसात हो ,उनसे फ़िर एक हसीन दिलकश मुलाकात हो ,इस कदर मिलें तड़प के दो दिल आज की,धरकनो पे न कोई अब इख्त्यार हो ….. एक एक बूंद से सजी सारी कायनात हो ,आगोश मे फ़िर मेरी शरीके -हयात हो ,खामोश लबों की दास्ताँ मौसम भी सुने
Aug 13 2009 10:52 AM



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