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ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की कृति अदम्य साहस

‘‘किस रुप में याद रखे जाने की आपकी आकांक्षा है? आपको अपने को विकसित करना होगा और जीवन को एक आकार देना होगा। अपनी आकांक्षा को, अपने सपने को, एक पृष्ठ पर शब्दबद्ध कीजिए। यह मानव इतिहास का एक बहुत महत्वपूर्ण पृष्ठ हो सकता है। राष्ट्र के इतिहास में एक नया
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बिना करे पाने का लोभ

अलादीन का चिराग मिल जाये तो , शायद पूरी हो सकें सब प्रकार की भौतिक इच्छाएं ! पर तलाश क्यों जिन्न वाले चिराग की ? वह शायद पूरी कर सकता है एक -एक इच्छा , पर क्या तब उस संतुष्टि का एहसास भी होगा जो अपनी मेहनत से किये कार्य की सफलता से प्राप्त होता है ? [...]
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भाग्य की भूमिका सफलता-प्राप्ति में

सफलता कुछ गिने-चुने लोगों की बपौती नहीं है। आप भी, कोई भी, बिना धन और विशेष सम्बन्धों के भी इच्छित सफलता प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को सफलता की प्राप्ति का अधिकार है और उसे प्राप्त करने की स्वाभाविक या प्रकृति-प्रदत्त शक्ति भी उसमें निहित है।
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यह ब्लाॅग आपके लिए क्या कर सकता है?

‘‘उठो जागो’’ एक प्रेरक ब्लाॅग है।यह पढ़ने पर आपको प्रेरित करता है। यह बहुत से उदारहणों द्वारा आपको प्रेरणा देता है। इससे आपको उत्साह एवं ऊर्जा मिलेगी। अपने को बदलने की प्रविधियों को ज्ञान होगा। यह ब्लाॅग आपकी आत्म छवि को बदलेगा। इस हेतु आपको अपनी धारणाएँ
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आपका मस्तिष्क दुनिया का सबसे बड़ा सुपर कम्प्यूटर

विश्व के सबसे बड़े सुपर कम्प्यूटर का मालिक अमेरिका नहीं है। विश्व के सबसे बड़े सुपर कम्प्यूटर के मालिक आप हैं। यह आपके बालों के ठीक नीचे है। फिर भी हमारी हालत दयनीय क्यों है ? क्योंकि इस सुपर कम्प्यूटर को आॅपरेट करना हमको नहीं आता है, और यह यंत्र हमें
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सफलता प्राप्ति में साधनों की भूमिका

मैं सोचता हूँ, साधनों की कमी का होना मार्ग की एक-मात्र बाधा नहीं हो सकती । सफलता कुछ गिने-चुने लोगों की बपौती नहीं है। आप भी, कोई भी, बिना धन और विशेष सम्बन्धों के भी इच्छित सफलता प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को इच्छित सफलता की प्राप्ति का
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एक सफल और असफल व्यक्ति में क्या अन्तर है ?

एक सफल और असफल व्यक्ति में सिर्फ मामूली अन्तर होता है। हम सब आदतों के शिकार होते हैं। सफल व्यक्ति सजगता से अपना विश्लेषण करते हुए नई आदतें डालता है।जबकि असफल व्यक्ति बेहोशी में पुराने ढर्रे पर चलता रहता हैं। दूसरा, सफल व्यक्ति जाने-अनजाने सफलता प्राप्ति
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ब्लोगिंग में सफलता का महामन्त्रः सत्यं शीवं सुन्दरं

साहित्य में सफलता प्राप्ति का जो मन्त्र है वही ब्लोगिंग में सफलता पाने का मन्त्र है।साहित्य समाज का दर्पण है। मात्र सत्य से ही साहित्य नहीं रचा जा सकता है।केवल सही बात करने से ही समझ में नहीं आती है। सत्य को प्रतिष्ठित करने के लिए उसको सुन्दर व ग्राह्य
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ब्लोगिंग क्या है?

ब्लोगिंग साहित्य, पत्रकारिता व निजी डायरी का मिश्रित रुप ह,ै थोड़ा भेल पुरी सा एवं बारह मसालों की चाट है। इसमें कभी साहित्य होता है, कभी इसमें पत्रकारिता है तो कभी निजी डायरी जैसा है। जब ब्लंाग में कविता, कहानी, गजले, संस्मरण, जीवनी है तो यह साहित्य है।
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सफलता हेतु कार्य अधुरे न छोड़े, कार्य पूरा करें

आधे-अधुरे कार्य आपके व्यक्तित्व के अधुरेपन को दर्शाते है। सफलता हेतु हाथ में लिया काम पूरा करें, वे आपको पूरा बनाते है। हमारा लक्ष्य अस्तित्व की योजना को पूरा साकार करना होना चाहिए। कार्य को बीच में छोड़ देना पहले की मेहनत को बेकार करता है। मैं जब आठवीं
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सफलता का मंत्र : प्रबल इच्छा से बिलगेट्स बनते है

प्रबल इच्छा क्या है ? प्रबल इच्छा का तात्पर्य उस दृढ़ निश्चय से है जो हमें किसी लक्ष्यप्राप्ति के लिए करता होता है। यह लक्ष्य शक्ति, ओहदा, धन या ऐसी ही अन्य कोई वस्तु हो सकती है। कुछ बड़ा पाने या करने के लिये महत्त्वाकांक्षा अनिवार्य है। जीवन में कुछ
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प्रबल इच्छा: सफलता का प्रारम्भिक सोपान

प्रबल इच्छा की सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका जल को वाष्प में परिवर्तित करने के लिये उसे 1000 सेन्टीग्रेड तक गरम करने पर ही परिणाम मिलता है। जल 1000 सेन्टीग्रेड पर ही उबलता है और तब वाष्प में परिवर्तित होता है। आवश्यक डिग्री तक गर्म नहीं करने पर
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अपने आप को कैसे बदले ?

हम ज्ञान एवं विचार द्वारा बिलकुल ही नही बदलते है। अनुभव द्वारा ही हम बदलते हैं। विचारों में जीना छोड़ों । विचार आपको उधार जीना सीखाते हैं । विचार दूसरांे से ग्रहण किये होते हैं जो प्राप्त होते हैं । अतः विचारों में जीना छोड़ों । अनुभव को प्रधानता दों ।