पसंद करें
1
नापसंद करें

कहानी की शुरुआत फिर होगी

कहानी की शुरुआत होती है। .......और जल्द ही वह सिमट भी जाती है। कुछ लोग मिल जाते हैं और कम समय में हमारे लिए ‘स्पेशल’ भी हो जाते हैं। फिर कहानी मोड़ लेती है क्योंकि कुछ नये लोग उसमें दाखिल हो जाते हैं। फिर कहा जाता है-‘‘यह कहानी ही तो थी। ऐसी अनोखी, जहां
टैग: Story
पसंद करें
4
नापसंद करें

टिवटर मैनिया

“सर आप भी टिवटर ज्वाइन कर लो अब“। सेक्रेटरी ने अपने बॉस से अनुरोध किया। उसके बॉस को देश के टॉप के दस बारह बड़े फिल्मी सितारों में से एक माना जा सकता है। “अरे सब टाइम पास या यूँ कहें कि टाइम बेकार करने का मामला है“। “नहीं सर
पसंद करें
2
नापसंद करें

आवाजों का इंतजार

आवासीय समिति के सचिव महोदय आज घर में अकेले रह गये थे। उनकी पत्नी, बच्चों के साथ मायके गयी हुयी थी और अकेले उन्हे नींद आने में परेशानी आ रही थी। सर्दी भी बला की पड़ रही थी इस बार। मन ही मन उन्होने सर्दी को कोसा…जाने कब यह मनहूस सर्दी खत्म होगी? फरवरी
पसंद करें
4
नापसंद करें

प्रोफेशनलिज्म, संवेदना और इंसानियत

वेशभूषा और पास पड़े बैग से वह कॉलेज की छात्रा प्रतीत होती थी। वह अपनी स्कूटी से गली से मुख्य सड़क पर पहुँची ही थी कि पीछे से तेजी से आने वाले मिनी ट्रक और एक सवारी बस की आगे निकल जाने की होड़ की शिकार बन गयी। बस के पिछले हिस्से से लगी सीधी [...]
पसंद करें
5
नापसंद करें

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना

“मैं बाहर हूँ, कॉल करके आता हूँ तुम तब तक अपनी खरीदारी पूरी कर लो“। पत्नी से इतना कहकर नेता जी दुकान से बाहर मॉल के गलियारे में आ गये। नेता जी राजनीति में धर्म के गरमागरम मिश्रण के घालमेल के समय की उपज थे और पिछ्ले दस बरह सालों में उन्होने
पसंद करें
4
नापसंद करें

गर्दभ स्वप्न

बात बहुत पुरानी नहीं है। गधे इस बार मनुष्य के साथ आर पार की लड़ाई करने के मूड में आ गये और सारे गधों को शहर के बाहर एक खाली मैदान में इकटठा होने का संदेश पहुँचा दिया गया। सारे गधे मैदान में पहुँच गये। गधों के तात्कालिक नेता एक बुजुर्ग गधे ने सब गधों [...]
पसंद करें
3
नापसंद करें

झूम उठी बालों की देवी / सारा जोसेफ़ / अनु. चेन्नीत्तला कृष्णन नायर

[ अज़दक की पोस्ट पढ़ते हुए मेरी साथी डॉ. स्वाति को मशहूर मलयालम कथाकार (केन्द्रीय साहित्य अकादमी विजेता) सारा जोसेफ़ की कहानी झूम उठी बालों की देवी बरबस याद आ गई । इस कहानी का हिन्दी अनुवाद चेन्नीत्तला कृ्ष्णन नायर ने किया है । सारा जोसेफ़ का सम्पर्क पता -
 
Aflatoon अफ़लातून
पसंद करें
3
नापसंद करें

जीवन बस यहीँ अभी

मन ही मन दुखी तो वह पहले से ही रहता था पर जब से उसने एक सस्ते दामों पर मिल जाने वाली ज्योतिष की एक किताब में पढ़ लिया था कि उस जैसे जातक अपने किये कामों और भूलों के कारण पछताते रहते हैं तब से तो उसने दुख को ही अपने जीवन का ऐसा [...]
पसंद करें
3
नापसंद करें

लघुकथा- समस्या

गाँव में जाने पर सारी दिनचर्या बदल जाती है। समय से बँधे रहने के सिलसिले में भी पूर्णविराम–सा लग जाता है। न कोई आपाधापी और न कोई तनाव। यहाँ तक कि दुनिया में कहाँ क्या हो रहा है, यह जानने की भी चिन्ता नही सताती। न ही समाचारपत्रों को नियम से देखने का चाव
 
रतन चंद रत्नेश
टैग: Story
पसंद करें
3
नापसंद करें

लघुकथा- दर्द

अभी–अभी इंटरव्यू देकर वह एक दफ्तर से निकला था। इंटरव्यू तो इस बार भी अच्छा हुआ था पर....?इसके पूर्व भी उसके कई इंटरव्यू अच्छे हुए थे पर नौकरी अभी तक हासिल नहीं कर पाया था।थका–थका–सा वह बस–स्टैंड की ओर बढ़ रहा था। भूख भी जोरों की लग आयी थी। सोचा, घर शीघ्र
 
रतन चंद रत्नेश
टैग: Story
पसंद करें
2
नापसंद करें

लघुकथा- ठीक हैं हम

‘‘ट्रिंग.... ट्रिंग’’फोन की घंटी घनघनाई। मालती वर्मा ने कुर्सी से उठकर अपने घुटनों की मर्मांतक पीड़ा से उबरने काप्रयास किया। फिर धीरे–धीरे चलकर चोगे तक पहुँचीं।दूसरे सिरे पर दूर शहर से उनकी हमउम्र शीला थी। दोनों अब पैंसठ की उम्र तक जा पहुँची हैं।‘‘और
 
रतन चंद रत्नेश
टैग: Story
पसंद करें
1
नापसंद करें

आजादी

बाप–बेटे शहर के चौराहे पर खड़े थे। सामने से एक मौन जुलूस जा रहा था, हाथ में बैनर–पोस्टर थामे।भावशून्य पिता जुलूस के गुजरने की प्रतीक्षा कर रहा था, पर पाँच वर्ष के अबोध बच्चे के बालसुलभ मन में पश्न कुलबुलाने लगे थे। उसने उत्सुकता से पूछा––‘‘पापा, ये लोग
 
रतन चंद रत्नेश
टैग: Story
पसंद करें
2
नापसंद करें

शेर, ताऊ और न्याय सियार का

आपने पिछले अंको मे पढा कि बावलीबूच ताऊ को बातों मे फ़ंसाकर शेर ने अपने आपको पिंजरे से आजाद करवा लिया और पिंजरे से बाहर आते ही ताऊ पर खाने के लिये टूट पडा. ताऊ द्वारा न्याय की दुहाई देने पर शेर ने उससे ब्लाग मठाधीशों द्वारा न्याय करवा लिये जाने की राय
 
ताऊ रामपुरिया
टैग: Story
पसंद करें
0
नापसंद करें

छिपा हुआ सत्य – राहुल कात्यायन

दोस्तों, मैं एक पेड हूँ. नीम का एक विशाल पेड़. कई साल से यहाँ खडा रहने के बावजूद एक लम्बा सफर तय कर चुका हूँ. सही, सही तो उम्र का पता नहीं लेकिन वो बूढा जो मेरी छाया मैं टूटी खाट पर लेटा है, उससे करीब दस साल छोटा हूँ. आज मौसम ठीक नहीं है. बहुत [...]
टैग: Hindi Story
पसंद करें
0
नापसंद करें

छिपा हुआ सत्य – राहुल कात्यायन

दोस्तों, मैं एक पेड हूँ. नीम का एक विशाल पेड़. कई साल से यहाँ खडा रहने के बावजूद एक लम्बा सफर तय कर चुका हूँ. सही, सही तो उम्र का पता नहीं लेकिन वो बूढा जो मेरी छाया मैं टूटी खाट पर लेटा है, उससे करीब दस साल छोटा हूँ. आज मौसम ठीक नहीं है. बहुत [...]
टैग: Hindi Story
पसंद करें
3
नापसंद करें

आत्मा की अमरता (एक अफ्रीकी मिथक कथा )

मृत्यु और आत्मा में दुश्मनी थी , मृत्यु ने कहा , " मैं ... तुम्हें मार डालूंगी " । आत्मा ने उत्तर दिया , " मुझे ... मारा नहीं जा सकता । " आत्मा और उसके साथी मौत के गांव गये । आत्मा ने पहले चमगादड़ को टोह लेने के लिये भेजा । मौत की कुटिया की छत के एक क
 
हिमांशु । Himanshu