पसंद करें
11
नापसंद करें

पुरुस्कार!!

बहुत सुन्दर कालोनी है. करीब ८० मकान. अधिकतर लोग, जिन्होंने यह मकान बनवाये थे रिटायर हो गये हैं. कुछ के बेटे बहु साथ ही रहते हैं तो कुछ अकेले. कौशलेश बाबू की बहु बहुत मिलनसार, मृदुभाषी एवं सामाजिक कार्यों में बहुत रुचि लेती है. कालोनी में रह रहे बुजुर्गों
टैग: short story
पसंद करें
3
नापसंद करें

जीवन बस यहीँ अभी

मन ही मन दुखी तो वह पहले से ही रहता था पर जब से उसने एक सस्ते दामों पर मिल जाने वाली ज्योतिष की एक किताब में पढ़ लिया था कि उस जैसे जातक अपने किये कामों और भूलों के कारण पछताते रहते हैं तब से तो उसने दुख को ही अपने जीवन का ऐसा [...]
पसंद करें
0
नापसंद करें

cross roads

प्रिय मित्रो,अपनी नई कहानी क्रोस रोअड्स का लिंक प्रस्तुत है. कृपया पढ़ें और अपनी राए दें.http://kahani.hindyugm.com/2010/05/cross-rodes-story-by-pratap-sehgal.html
टैग: short story
पसंद करें
0
नापसंद करें

उस रात फिर एक ख्वाब थपकियाँ देकर सुला दिया गया !

वो बैठी थी चुप, ख़ामोशी में खोयी सी । कमरे की खिड़की पर लगा अख़बार बार-बार हवा के तेज़ झोंके से फडफडाता और शांत हो जाता । बाहर चाँदनी मद्धम-मद्धम झर रही थी । खिड़की की दरारों से शीत लहर अन्दर प्रवेश कर जाती थी । तब ख़ामोशी को तोड़ते हुए मेज पर पढ़ा हुआ
टैग: short story
पसंद करें
0
नापसंद करें

फिर मिलेंगे !

लगता नही था ये क्रिसमस ईव से पहले का दिन है । ठीक उसका दिसम्बर न लगने जैसा । जब तक कोई खुद से न कहे कि यह दिसम्बर है । सड़क का एक छोर आते-आते पुल पर ख़त्म होता था । सड़क कहाँ ? शायद पगडण्डी कहना ठीक हो । जो वह पहले कही जाती रही थी । पुल के नीचे नदी सुस्त
टैग: short story
पसंद करें
0
नापसंद करें

रानी मुखर्जी साँवली है और रेखा तो एकदम काली

साँवली यों तो मुहल्ले में कोई भी नई लड़की आये तो लड़कों में दस दिनों तक आहें भरा जाना अनिवार्य है. पर इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ. क्योंकि चम्पा साँवली था और साँवली लड़की में रूचि दिखा कर कोई भी अपनी घटिया पसन्द का प्रदर्शन नहीं करना चाहता था. हाँ, यह बा
पसंद करें
0
नापसंद करें

மறு ஒளிபரப்பு

ராகவனுக்கு படுக்க மணி பதினொன்று ஆகி விட்டது. மைதிலி நன்றாகக் குறட்டை விட்டுத் தூங்கிக் கொண்டிருந்தாள். தண்ணி குடித்து விட்டுப் படுக்கும் சமயம் செல் போன் அடித்தது. இந்த அகாலத்தில் யாராக இருக்கும் என்று பார்த்தார். விஜியிடமிருந்துதான் போன்."என்னம்மா? இந்த
टैग: short story
पसंद करें
0
नापसंद करें

கலக்கலா ஒரு கலாச்சாரம்

பெர்க்ளே யூனிவர்சிட்டியின் அந்த மையமண்டபத்திலிருந்து வெளியே வந்து கொண்டிருந்த கூட்டத்தில் கபிலனைக் கண்டு பிடிப்பது அவ்வளவு சிரமாயிருக்கவில்லை வீழிநாதனுக்கு. கபிலனை உணவகத்திகு அழைத்து சென்றார்.“என்ன கபிலன். கேள்விப்பட்டேன். அடுத்த வாரம் சென்னை
टैग: short story
पसंद करें
2
नापसंद करें

अकेला / हमदर्द [दो लघु-कथाएँ]

पिछली पोस्ट में मैने अपने पहली लघु-कथा (यकीन) प्रस्तुत की थी ! इस बार मित्रों के आग्रह पर दो लघु कथाएँ पेश कर रहा हूँ ! जिसमें 'अकेला' मेरी लिखी आख़िरी लघु-कथा है ! इसको मैने 16 मार्च 2006 को लिखा था ! यह बात उस समय की है जब सुप्रसिद्ध लेखिका सुश्री
 
प्रकाश गोविन्द
टैग: short story
पसंद करें
0
नापसंद करें

यकीन

मेरी पहली लघु कथा, जो मैंने 22 अगस्त 1989 को लिखी थी ! ********************************************************* रेखा चित्र - प्रकाश गोविन्द यकीन [लघु कथा] वह दोनों आमने-सामने बैठे थे ! बीच में एक छोटी सी गोल मेज थी ! जिसमें कॉफी के दो प्याले, एक शुग
 
प्रकाश गोविन्द
टैग: short story
पसंद करें
4
नापसंद करें

जब एक साल पहले 'विमान के ऑटोपायलट मोड' वाली मेरी लिखी पोस्ट के कुछ अंश विमान में वाकई घट गये ।

अभी हाल ही में पता चला कि एक विमान में छेडछाड को लेकर हंगामा हुआ और विमान को दोनों पायलट ऑटोपायलट मोड में रख दिये ।  इसी ऑटोपायलट वाले मुद्दे को लेकर मैंने जो पोस्ट लिखी थी उसमें एक जगह कॉकपिट में हुई हल्की छेडछाड का भी जिक्र था । मुझे क्या
 
सतीश पंचम
टैग: short story