पसंद करें
8
नापसंद करें

तुम्हे मेरी दाढ़ी अच्छी लगती है ..

शरद बिल्लोरे की एक कविता शरद और मैं भोपाल के रीजनल कॉलेज में साथ साथ थे  । कविता लिखने की शुरुआत के साथ साथ बहुत सारी बदमस्तियाँ हमने कीं । मैं सोच रहा था इस बार फिर उसकी किसी शरारत के बारे में लिखूंगा लेकिन मैं सिर्फ सोचता रहा और कुछ लिख नहीं पाया
 
शरद कोकास
टैग: sharad billore