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बाज़ार के भगवान-हिन्दी हास्य कविताएँ
बाज़ार में नीलाम हो जायेंवही लोग आजकल कहलाते ‘बड़’े है,डरते है जो बिकने से या काबिल नहीं बिकने केवह छोटे इंसानों की पंक्ति में राशन लेने खड़े हैं।----------अब इस धरती परभगवान अवतार नहीं लेते,जिसकी नीलाम बोली ऊंची लगायें सौदागरलोग उसे ही भगवान मान
Apr 25 2010 11:45 AM



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