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मौत की तरंगें : एपिसोड - 24

इं- त्यागी एक बार फिर साफ्ट प्रो कंपनी के आफिस में सिंगली के सामने बैठा था।‘‘मि0 सिंगली, क्या आप की कंपनी ने प्रोग्राम तैयार करने के लिये किसी अन्य कंपनी की भी सहायता ली थी’’‘‘हाँ। गिरधारीलाल एण्ड कंपनी की। वैसे प्रोग्राम तो पूरा हमारी
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 21

सुंदरम जब सी-आई-डी के चीफ के पास पहुंचा तो उस समय वह किसी फाइल के अध्ययन में लीन था। सुंदरम को देखकर उसने सामने बैठने का संकेत किया।‘‘क्या हुआ? तुम्हारा केस कहाँ तक पहुंचा?’’‘‘हत्या का ढंग तो पता चल गया है।’’ सुंदरम ने चीफ को सारी बातें बताते हुए कहा,
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 20

‘‘ओह, तो ये बात थी। मि0भार्गव, क्या आप जानते हैं कि इन तरंगों का प्रयोग कहाँ किया गया था?’’‘‘किसी के कत्ल में किया गया होगा। जिसका केस आपको दिया गया है।’’‘‘जी हाँ। इनका प्रयोग गृहमन्त्री की हत्या में किया गया था।’’‘‘ओह! आई सी। वह अपराधी भी वास्तव
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 3

राहुल उसे देखकर कुर्सी से उठ गया। दोनों एक दूसरे को कुछ देर इस प्रकार देखते रहे मानो पहचानने का प्रयत्न कर रहे हों। फिर आने वाले व्यक्ति जो वास्तव में रामदयाल ही था बोला, ‘‘अरे यह तू है राहुल। तू तो एकदम बदल गया है।’’‘‘तुम भी तो एकदम बदल गये हो। लग ही
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 2

राजनगर के पूर्वी बस स्टाप पर अभी अभी एक बस आकर रुकी थी। उसकी दशा देखकर अनुमान होता था कि वह किसी दूर दराज के इलाके से आ रही है। बस का इंजन बन्द हुआ और यात्रियों ने उतरना आरम्भ कर दिया। इन यात्रियों में राहुल नाम का एक युवक भी था। वह उन युवकों में से
 
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मौत की तरंगें : एपिसोड - 1

पेड़ों से टकराकर हवाओं की गूँजती हुई सीटी की आवाज़ आधी रात के सन्नाटे को भंग कर रही थी। अन्यथा पूरी तरंह सुनसान इस छोटे मोटे जंगल की पगडंडी पर वह व्यक्ति अकेला अपने पग बढ़ा रहा था। कंधे पर झोला लटकाये वह व्यक्ति अपनी बढ़ी हुई दाढ़ी और लंबे
 
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मौत की तरंगें

और अब....!जासूसी साइंस फिक्शन धारावाहिकमौत की तरंगेंमौत की तरंगेंमौत की तरंगें Wait...........!!!
 
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