आग जब तक लकड़ी में छिपी रहती है, तब तक कोई भी उसे लांघ जाता है, मगर जलती हुई को नहीं
आदमी शक्तिशाली हो,लेकिन अपनी शक्ति न दिखाएतो लोग उसका तिरस्कार ही करते हैं ।आग जब तक लकड़ी में छिपी रहती हैतब तक कोई भी उसे लांघ जाता है,मगर जलती हुई को नहीं ।***********या तो जैसा अपने को बाहर से दिखाते होवैसा ही भीतर से बनो,या जैसे भीतर होवैसे ही बाहर
Jun 12 2010 09:04 AM



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