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इब्नबतूता का भूत [The ghost of Ibn-Batuta]

सुबह सुबह अखबार ने जब दरवाजे पर दस्तक दी तो मालूम हुआ कि इब्नबतूता के भूत साथ में तशरीफ़ लाए हैं। आने का सबब पूछा तो पता चला कि कुछ चिलप्पों करने वाले तथाकथित साहित्यकारों ने शोर मचा कर उन्हें नींद से उठा दिया है। शोर ये कि गुलज़ार साब ने इब्नबतूता का जूता
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