ओ साथी रे
अभी लिखने की इच्छा नहीं है.. अभी बेरोजगार हूँ तो ये आलम है.. जब रोज़गार पा जाऊंगा तो पता नहीं कैसे लिखूंगा..खैर इस पोस्ट में केवल एक गाना पोस्ट कर रहा हूँ.. पसंद आये तो बताइयेगा..गाना यहाँ से सुनिए : ओ साथी रे (प्रतीक माहेश्वरी)बोल यहाँ पर देखें : ओ साथी
Feb 10 2010 12:43 AM



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