प्यार पर दो क्षणिकाएँ
१- तुम दूर हो या पास , तुम्हारे प्यार का अहसास, मेरी साँसों में , संगीत भर देता है। २- ‘प्यार’ वह संजीवनी है, जो ऊसर ज़मीन को भी , उर्वरा बना देती है । डा.रमा द्विवेदी © All Rights Reserved
Apr 11 2010 10:21 AM



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