मंहगाई है जनता का भाग्य !!!
आखिरकार वह वक्त आ ही गया,सरकार ने माना मंहगाई है,कवायद शुरू हो गई,मंहगाई कम करने की नहीं,इल्जाम लगाने की एक दूसरे पर,विरोधी पक्ष ने बात पकड़ ली,तो फिर सब मिल गए,मंहगाई की बात फिर गए भूल,जनता का भाग्य जब यही है,तब सरकार क्या करे?
Jan 27 2010 08:49 PM



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