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आज यूं मौज दर मौज गम थम गया
आज इस गीत को सुनने के लिए आपसे मैं समय मांगता हूँ.. यह मांग मेरी नहीं, इस गजल की है.. चैन से बैठ कर सुनने में ही यह गजल सुकून देगा.. मेरा यह दावा है की इसे सुनने के बाद आप भी दाद दिए बिना नहीं जायेंगे.. :)आज यूं मौज दर मौज गम थम गया इस तरह गमजदों को करार
Jun 11 2010 01:07 AM



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