पसंद करें
0
नापसंद करें
पसंद करें
0
नापसंद करें

भेद…

आम्ही काल त्या दिवशी ..जनांनी ..नोरांची वीज तोडली ह्याला अतिशय मऊशार गध्यात्मक उपमा दिली. राजगडाच्या पद्मावती मंदिरातील वास्यावरच्या बहुलंकारिक भाषेत लिहीले तर सगळ्यांच्या तोंडचे पाणीच पळेल… अगर महाशिवा वहाँ नही होते तो इ-सुन्नत (वीज कटिंग) के बदले
 
शिरीष
पसंद करें
0
नापसंद करें

नेशनल जियोग्राफी मोमेंट अवार्ड --

खबर पुरानी तो है पर मुझे भी आज ही मित्र के ईमेल द्वारा मिली तो सोचा की मेरे जैसे और भी लोग होंगे . जिन्हें इस प्रतियोगिता के बारे में नहीं पता होगा ,यही सोच रख कर ये पोस्ट लिखी है आशा है की सभी को लाभ होगा . .   ( चित्र गूगल द्वारा लिया गया है ,
 
Bhaskar
टैग: other
पसंद करें
0
नापसंद करें

देवेंद्र चौबे

बाएं से दूसरे- देवेंद्र चौबे मॉरिशस में मार्च, 2010 में आयोजित एक सेमिनार में 
 
प्रमोद रंजन
टैग: other
पसंद करें
0
नापसंद करें

मुजीब हुसेन की पेंटिंग

मुजीब हुसेन की पेंटिंग 
 
प्रमोद रंजन
टैग: other
पसंद करें
0
नापसंद करें

भारतीय लेखकों की तस्‍वीरें चाहिए

'भारतीय लेखक' हमारे पुराने ब्‍लॉग छाया' का दूसरा संस्‍करण है। कुछ तकनीकी दिक्‍कतों के कारण हम अपने पुराने ब्‍लॉग में जरूरी परिवर्तन नहीं कर पा रहे थे।बहरहाल, 'भारतीय लेखक' हिन्‍दी के बुद्धिजीवियो के फोटोग्राफस और स्‍केच का ब्‍लॉग है। इन
 
प्रमोद रंजन
टैग: other
पसंद करें
0
नापसंद करें

राममनोहर लोहिया

राममनोहर लोहिया डा॰ राममनोहर लोहिया (जन्म - मार्च २३, इ.स. १९१० - मृत्यु - १२ अक्टूबर, इ.स. १९६७) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा समाजवादी राजनेता थे।
 
प्रमोद रंजन
टैग: other
पसंद करें
0
नापसंद करें

अमर्त्‍य सेन

अमर्त्‍य सेन अमर्त्य सेन (जन्म: ३ नवंबर, १९३३) अर्थशास्त्री है, उन्हें १९९८ में अर्थशास्त्र के नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। संप्रति वे हार्वड विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं।
 
प्रमोद रंजन
टैग: other
पसंद करें
0
नापसंद करें

पाश की एक कविता

हम लड़ेंगे साथी,उदास मौसम के लिएहम लड़ेंगे साथी,गुलाम इच्छाओं के लिएहम चुनेंगे साथी,जिंदगी के टुकड़ेहथौड़ा अब भी चलता हैउदास निहाई पर हल की लीकेंअब भी बनती हैं, चीखती धरती परयह काम हमारा नहीं बनता,सवाल नाचता हैसवाल के कंधों पर चढ़ करहम लड़ेंगे साथी.कत्ल
 
Bhaskar
टैग: other
पसंद करें
0
नापसंद करें

उ द्या न किल्ली

आणि पु.ल. न्चे एकही पुस्तक आजवर नीट वाचलेला पालथा घडा, दुसऱ्यांदा घडाभर उद्यान सैर करून आला. … म्हणजेच पालथ्या घड्यावर मोबाईलवेडेपणाचा कळस चढले… ऐसे वदल्यास अगदी कलेजा खलास झाला असे वाटण्या इतके गवत उद्यानात उगविलेले दिसत होते. त्याचे फेटे
 
शिरीष
पसंद करें
0
नापसंद करें

घोऽष शिक्षणाच्या आयऽक्यूऽचा

बातमी उद्या षट्कर्णी होनार मना की. कोणाचा हाय कुणास ठाऊक ह्यो पोऱ्या, पन तरी बी ( आयच्या नव्हं ) आमच्या सुभेच्च्या!
 
शिरीष
टैग: other
पसंद करें
0
नापसंद करें

मनोराज्य… वेगळे राज्य

मलाही एक स्वतः तयार केलेले वेगळे राज्य असायला आवडेल… प्रॉब्लेम एवढाच आहे की ही एक लेम एक्स्कूज आहे. आमच्या परिभाषेत वेगळे राज्य मागणारा प्रत्येक जण एक मनोरूग्णच आहे… आधी तापवलेले (उकळलेले) पाणी थंड करून दाखवा मग पुढे बोला… कारण इथे
 
शिरीष