स्वागत -२००९ - प्रदीप मानोरिया
नव वर्ष में वंदन नया , उल्लास नव आशा नई |हो भोर नव आभा नई, रवि तेज नव ऊर्जा नई |
विश्वास नव उत्साह नव,नव चेतना उमंग नई |विस्मृत जो बीती बात है ,संकल्प नव परनती नई |है भावना परिद्रश्य बदले , अनुभूति नव हो सुखमई |
किंतु हालात क्या होते हैं :---
सरकार न
Dec 29 2009 11:45 AM



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