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गणतंत्र दिवस 2010 पर विशेष - दिल्ली को समर्पित

मैं दिल्ली हूँ ख्वाब सभी के सजाता हूँ हाँ ये सच है पहले खूब आजमाता हूँ तुम भी समझो जिम्मेदारियां अपनी बोझ करोड़ो का कैसे रोज़ उठाता हूँ जनहित में जारी सन्देश..."मेरी दिल्ली - मैं ही संवारूं " मैं दिल्ली हूँ जान-ए-हिंद हिन्दुस्तान का दिल हूँ... अपने सीने
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