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हमारा संविधान ही हमारा धर्मग्रन्थ है.

बड़ी अजीब स्थिति है की एक साधारण सी बात को समझने समझाने में बड़े बड़े तर्कों का सहारा लेना पड़ रहा है. मोटे तौर पर किसी भी सम्प्रदाय में धर्म ग्रन्थ का दो ही उद्देश्य है. कोई अकेला व्यक्ति किस प्रकार अपने आप को ईश्वर का साक्षी मान इस संसार में अपने [...]
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आखि़र कब रूकेगा एक औसत इनसान की दर्दनाक मौत का सिलसिला ? The bowl of death

अख़बारों में कृपालु महाराज आश्रम के हादसे की भी ख़बरे छपीं और ज़हरीली ‘शराब से मरने वालों की भी । उनमें घरेलू परेशानियों की वजह से आत्महत्या करने वालों को भी जगह दी गयी और डाक्टरों की लापरवरही की वजह से मरने वालों को भी । इनसे भी कहीं ज़्यादा गिनती उन
 
DR. ANWER JAMAL
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