एक अफ़गानी की आवाज़ में ....जब दिल ही टूट गया
आज आपका परिचय कराता हूँ एक अफ़गानी ग़ायक सादिक़ फ़ितरत (NASHENAS)से जो कंधार में पैदा हुए लेकिन काबुल में अपने जीवन में सबसे ज़्यादा रहे । वैसे NASHENAS अफगानिस्तानी भाषाओं, दरी और पश्तो और साथ ही उर्दू में दोनों मेंगाते हैं . ।1970 के शुरुआती
May 18 2010 10:49 PM



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