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राँझा राँझा

प्रायद्वीपीय भारत को पछाड़ती, दक्षिण से उत्तर की ओर भागती एक रेलगाड़ी में गुलज़ार द्वारा फ़िल्म ’रावण’ के लिए लिखा गीत ’राँझा राँझा’ सुनते हुए… बड़ा मज़ेदार किस्सा है… शुरुआती आलाप में कहीं गहरे महिला स्वर की गूँज है. और बहती हवाओं की सनसनाहट
 
मिहिर
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विद्रोही गुलजार : ठोक दे किल्ली (रावण)

गुलजार साब ज्यादातर शांत, धीर गम्भीर और कभी कभी विनोदी मूड में भी पाये जाते हैं। उनके लिखे ज्यादातर गीतों से उनके रोमांस की समझ का पता चलता है। उनकी कल्पना तो कहीं से कहीं पहुँच ही जाती है और कई बार तो सुनने और पढ़ने वाले को उनकी लिखी पंक्तियों का अर्थ
 
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हे मैने कसम ली : मधुमास के सौन्दर्य को दर्शाता गीत

गीत फिल्म बनाने के लिये कतई जरुरी नहीं हैं, न अच्छी फिल्म बनाने के लिये और न सामान्य स्तर वाली या एक बुरी फिल्म बनाने के लिये। ये और बात है कि ४० के दशक से ही हिन्दी फिल्मों में कुछ ऐसे काबिले तारीफ़ निर्देशक हुये हैं जिन्होने गीतों का इतना प्रभावी और
 
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Hey maine kasam lee: Madhumas ke saundarya ko darshata geet

हे मैने कसम ली : मधुमास के सौन्दर्य को दर्शाता गीत गीत फिल्म बनाने के लिये कतई जरुरी नहीं हैं, न अच्छी फिल्म बनाने के लिये और न सामान्य स्तर वाली या एक बुरी फिल्म बनाने के लिये। ये और बात है कि ४० के दशक से ही हिन्दी फिल्मों में कुछ ऐसे काबिले तारीफ़
 
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दिल तो बच्चा है जी : आह गुलजार वाह विशाल

दिल तो बच्चा है जी : आह गुलजार वाह विशाल ये कहना अतिशयोक्ति न होगी कि फ़िल्म की सिचुएशन के हिसाब से ” दिल तो बच्चा है जी ” दशक का सबसे अच्छा गीत है। इस लिहाज से ये गीत पचास और साठ के दशक के उन फ़िल्मी गीतों के श्रेणी में शामिल हो जाता है [...]
 
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Dil to Bachcha hai ji: Aah Gulzar Vaah Vishaal

दिल तो बच्चा है जी : आह गुलजार वाह विशाल ये कहना अतिशयोक्ति न होगी कि फ़िल्म की सिचुएशन के हिसाब से ” दिल तो बच्चा है जी ” दशक का सबसे अच्छा गीत है। इस लिहाज से ये गीत पचास और साठ के दशक के उन फ़िल्मी गीतों के श्रेणी में शामिल हो जाता है [...]
 
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‘…..তারই কিছু রং’

“তিনটে এক্সট্রা হবে, দাদা?” তখনও অর্কুট আষ্টেপৃষ্ঠে বেঁধে ফেলেনি জীবনকে। স্কুল-কলেজের কয়েকজন ছাড়া খুব একটা বন্ধুত্বও নেই বিশেষ কারুর সঙ্গে। ফলে শহরে কি কি ঘটছে বা ঘটতে চলেছে, চটজলদি খবরও পাই না। এমনি কোনো এক শুক্রবার কলেজে গিয়ে খবরটা পেয়েই সোজা
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ओशियंस में गुलज़ार और विशाल की जुगलबन्दी

ओशियंस में गुलज़ार और विशाल भारद्वाज साथ थे. बात तो ’कमीने’ पर होनी थी लेकिन शुरुआत में कुछ बातें संगीत को लेकर भी हुईं. बातों से सब समझ आता है इसलिए हर बात के साथ उसे कहने वाले का नाम जोड़ना ज़रूरी नहीं लगता. सम्बोधन से ही सब साफ़ हो जाता है. वहीं ग
 
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“शंकर शैलेन्द्र को हिन्दी सिनेमा का सबसे बड़ा गीतकार कहा जा सकता है.” -गुलज़ार.

इस बार के ओशियंस में प्रस्तुत गुलज़ार साहब का पर्चा “हिन्दी सिनेमा में गीत लेखन (1930-1960)” बहुत ही डीटेल्ड था और उसमें तीस और चालीस के दशक में सिनेमा के गीतों से जुड़े एक-एक व्यक्ति का उल्लेख था. वे बार-बार गीतों की पंक्तियाँ उदाहरण के रूप में पेश कर
 
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ইয়ে হ্যায় বম্বে মেরি জান

গীতা দত্ত । বম্বের জীবন ও সংগীত প্রথমে অনুরোধ এসেছিল কানু রায়’কে নিয়ে লেখার জন্য। অসাধারণ সুরকার (যদিও খুব বেশি কাজ করেননি) ছিলেন কিন্তু সচরাচর ওনাকে নিয়ে লেখা বা কথা বিশেষ হয় না। হঠাৎ এ অনুরোধ! ভাবতে না ভাবতে প্রশ্ন এল, কানু রায় সম্পর্কে গীতা দত্ত
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बदहवास शहर में फंसी जिन्दगियों की कहानी : कमीने

उस शाम सराय में रविकांत और मैं मुम्बई की पहचान पर ही तो भिड़े थे. ’मुम्बई की आत्मा महानगरीय है लेकिन दिल्ली की नहीं’ कहकर मैंने एक सच्चे दिल्लीवाले को उकसा दिया था शायद. ’और इसी महानगरीय आत्मा वाले शहर में शिवसेना से लेकर मनसे तक के मराठी मानुस वाले
 
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’तुम जो कह दो तो आज की रात चाँद डूबेगा नहीं’, कमीने संगीत समीक्षा.

मैं झमाझम बारिश से भीगती बस में था. यह शाम का वही वक़्त था जिसके लिये एक गीतों भरी प्रेम कहानी में कभी गुलज़ार ने लिखा था कि सूरज डूबते डूबते गरम कोयले की तरह डूब गया… और बुझ गया! गुड़गांव से थोड़ा पहले महिपालपुर क्रॉसिंग पर जहाँ मेट्रो की नई बनी लाइन
 
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IPL Songs & Video

If you want to hear offcial IPL songs, themes and videos of all the IPL teams, here you'll find everything you are searching for - IPL Songs.
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A night to remember!

Here I am This is me There’s no where else on earth I’d rather be..I fell in love with this song when I listened it for the first time. Bryan Adams, the name is enough. If anyone loves music then Bryan is inevitable. Over the years, I have become an
टैग: music california
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My Daddy's Better than Yours

If you follow the Indian music industry overall (not just one particular regional songs), you tend to observe a thing. Usually when a song is "dubbed" from "the other language", there are comparisons made by the music zealots and people sitting on bench
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WTB?

These days I have developed a strange habit. I sleep with my earphones on. And whole night the laptop is playing the iTunes library in shuffle and repeat mode. Well it's not exactly new. I remember I used to drain the batteries of my Sony Walkman in a
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सारेगमप महागायक विजेता- अभिजीत कोसंबी Saregamapa winner Abhijeet Kosambi

काल आयडिया सारेगमपची महाअंतिम फेरी दिमाखात झाली. फक्त निकाल काय तो धक्कादायक होता. मंगेश बोरगांवकर किंवा अनघा ढोमसेंपैकी कोणी जिंकावे अशी माझी इच्छा होती पण जिंकला अभिजीत कोसंबी! खरं सांगायचं तर हा अभिजीत मला इतका चांगला गायक अजिबात वाटत नाही. महाअंतिम
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उत्तरायण Uttarayan

उत्तरायण हा चित्रपट तुम्ही पाहिला नसेल तर सर्व प्रथम सीडी-डीविडी आणून तो पहा! अनेक जणांस माहित नसेल की बिपीन नाडकर्णी दिग्दर्शीत हा चित्रपट (भारताची अधिकृत ''एंट्री'' म्हणून) ऑस्करच्या शर्यतीत होता. पण आपली देशाची एकूणच सर्व system किती सदोष आहे ह्याचं
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Marathi music मराठी संगीताला चांगले दिवस

हिंदी गाण्यांच्या बारा महिने तेरा काळ दिवसाचे चोवीस तास सुरू असलेल्या भडिमारामुळे नव्या मराठी चित्रपटांतील गाणी आता मराठी रसिकांच्याच ओठावर रेंगाळत नाहीत. त्यामुळे त्यांचे संगीताचे हक्कही विकले जात नाहीत. मराठी चित्रपटसंगीताच्या दुर्दैवाचे असे दशावतार
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मराठी चित्र संगीत Marathi film music

श्वास नंतर मराठी चित्रपटांना चांगले दिवस आले. आचार्य अत्र्यांच्या ''श्यामची आई'' ह्या राष्ट्रपती पदक मिळवलेल्या पहिल्या चित्रपटानंतर कुठल्याही मराठी चित्राला हे पदक मिळाले नाही. पन्नास वर्षाच्या gap नंतर संदीप सावंत यांनी राष्ट्रपती पदक
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Wake Up: AR Rahman with 150 All Stars

I went for this concert yesterday evening, at the Eastern Michigan University convocation center. AR Rahman (as with many other people) is my favorite Indian music composer from the present times. I was curious about the concert, knowing that he wasn't
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