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हमारी सांसों में आज तक वो हिना की खुशबू महक रही है..
आज अपने ब्लॉग पर पहला ऑडियो दे रही हूँ. इस सुरीले आगाज़ के लिए नूरजहाँ की आवाज सेबेहतर भला क्या होगा...हमारी सांसों में आज तक वोहिना की खुशबू महक रही है..लबों पे नगमे मचल रहे हैं... नज़र से मस्ती छलक रही है हमारी सांसों में आज तक वो हिना की खुशबू महक रही
Jun 03 2010 01:16 AM



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