खोया सा.. एक रिश्ता..
एक रिश्ता तेरा - मेरा.......एक रिश्ता कुछ पूरा.... कुछ अधूरा......कुछ तुम सा... कुछ मुझ सा...एक रिश्ता... हम सा....यादों के नर्म लिहाफ़ में लिपटा....तेरी मेरी उंगलियों में उलझा...कभी सुबह की करवटों में.....कभी शाम के झुरमुटों से...हर कोने से पुकारता... एक
Aug 29 2009 12:36 AM



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