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नेता का जन्म दिन और गरीब के बच्चे की मौत

अरे तुम रोटी खा रहे हो,हमारी नेता का जन्म दिन है भूल गए,उनका जन्म दिन तो अक्सर आता है बाबू,कई दिन बाद रोटी मिली है आज,भूखे हैं बच्चे, खाने दो न,पिछले जन्म दिन में भी,छीन ले गए थे तुम सारी मजदूरी,नेता को हार बना कर पहना दी थी,हफ्ता भर भूखे रहे थे सब,क्या
 
Suresh Chnadra Gupta
टैग: mazdoor