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मेडीटेशंस - अध्याय द्वितीय (किश्त - १ )

जर्मनी के क्वादी प्रान्त में, डेन्यूब नदी के तट पर लिखा गया।====================================प्रातः उठने पर अपने आप को बताओ कि आज मैं ऐसे लोगों से मिलने वाला हूँ जो हस्तक्षेपी, कृतघ्न, आक्रामक, धोखेबाज़ या शैतानी सोच के मालिक हैं और साथ ही असामाजिक
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मेडिटेशंस - प्रथम अध्याय (किश्त - ८)

(औरिलियस अपने पिता के बारे में...)वे किसी प्रतिभावान व्यक्ति को, जो अच्छा वक्ता, ज्ञानी, कानूनविद या नैतिक्शास्त्री या ऐसे ही किसी अन्य विषय या क्षेत्र से आता हो, से मेरे पिता बिना ईर्ष्या किये उसको उसका सामाजिक संस्थानों में उचित स्थान दिलाने में मदद
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मेडीटेशंस - प्रथम अध्याय (किश्त - ३)

८ अपोलोनिअस से सीखा: अपना स्वामी स्वयं बने रह पाना, स्वयं के लिए कुछ भी स्वतः घटित होने देने के लिए न छोड़ना, कभी क्षण भर के लिए भी तर्क का मार्ग न छोड़ना, तेज़ वेदना (दर्द) या कि अपने बच्चे कि मौत और या ही लम्बी चली बीमारी - सदा एक से ही बने रहना। जीता