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इजहारे जज़्बात की ज़हमत कीजिये (Ghazal)

इजहारे जज़्बात की ज़हमत कीजिये मोहब्बत की है तो हिम्मत कीजिये खुदा के रहमत से कायम मोहब्बत सजदे में सर रख इबादत कीजिये मोहब्बत की मंजिल है इम्तहान लेगी ना उफ़ ना कोई शिकायत कीजिये माना की मोहब्बत में खामोश है जुबाँ चाहें तो निगाहों से शरारत कीजिये रंजिश
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