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क्या तुम फिर बनोगी मेरी प्रेरणा... (a letter to my love)

हेल्लो क.....,कैसी हो? बस ऐसे ही पूछ रहा हूँ क्योंकि जानता हूँ तुम बहुत अच्छी होगी. कल वैलेंटाइन डे था, वैलेंटाइन डे मतलब प्यार का दिन... पर मेरी जिंदगी में प्यार कहाँ है? ओह्ह सॉरी, मेरी जिंदगी में प्यार तो है हाँ तुम नहीं हो...आज भी याद है मुझे
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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मैं असलियत से वाकिफ हो चूका हूँ

हेल्लो क......, कल ही तुम्हे एक पत्र लिखा और आज फिर मजबूर हो गया हूँ और संभवतः ये मेरा आखिरी पत्र है तुम्हे. क्योंकि मैं और भ्रम में नहीं जीना चाहता. मेरा भ्रम अब टूट चूका है. मैं असलियत से वाकिफ हो चूका हूँ. किसी के होने या न होने से जिंदगी नहीं रूकती
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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क्योंकि अभी मैं कोई जवाब नहीं दे सकता

प्रिय ......., मेरा ये पहला पत्र है तुम्हे. कहाँ स शुरू करू, क्या लिखूं कुछ भी समझ नहीं आ रहा. बस लिखने बैठ गया हूँ. आज से एक महीने पहले तुमने मुझसे पूछा था कि क्या मैं तुमसे शादी करूँगा... तुम्हे क्या जवाब देता समझ में नहीं आ रहा था. तुम्हे मेरे बारे
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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एक पत्र रेल मंत्री साहिबा को....

आदरणीय रेल मंत्री साहिबा,आशा करता हूँ आप और आपका रेल अच्छा होगा (जोकि अच्छा बिलकुल नहीं है). कुछ बातें है जो आपसे कहना चाहता हूँ. अभी २ तारीख को मैं सीमांचल एक्सप्रेस (२४८७) से पूर्णिया से दिल्ली आया हूँ. कोच नंबर S2 बर्थ नंबर 35. जहाँ तक मुझे पता है एक
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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बस तुम फिर से मेरी दोस्त बन जाओ...

प्रिय क.....,तुम्हारे लाख मना करने के बावजूद हरबार मैं तुम्हे पत्र लिखने के लिए मजबूर हो जाता हूँ. क्या करूँ तुम्हे भूलने की बहुत कोशिश करता हूँ पर हर कोशिश व्यर्थ साबित होती है. तुमसे अलग मैं अपनी जिंदगी सोंच ही नहीं पाता. करूँ भी तो क्या तुमने ही तो
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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