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संघीय न्यायालय (Federal Court) की अधिकारिता : भारत में विधि का इतिहास-91

भारत शासन अधिनियम 1935 से स्थापित संघीय न्यायालय को आरंभिक, अपीली संवैधानिक और परामर्शदात्री अधिकारिताएँ प्रदान की गई थीं। अधिनियम की धारा 206 में उपबंध था कि विधानमंडल अधिनियम पारित कर संघीय न्यायालय की अधिकारिता में विस्तार कर सकता है।आरंभिक
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
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प्रिवी कौंसिल की अधिकारिता की समाप्ति और उस का महत्व : भारत में विधि का इतिहास-89

भारत से प्रिवी कौंसिल में अपीलों का सिलसिला 1726 में आरंभ हुआ जब मेयर न्यायालयों की अपील प्रिवी कौंसिल द्वारा सुने जाने का उपबंध किया गया। बाद में प्रेसीडेंसी नगरों के सुप्रीम कोर्टों और मुफस्सल दीवानी अदालतों के निर्णयों की अपीलें भी प्रिवी कौंसिल में
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
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पटना और लाहौर में उच्च न्यायालयों की स्थापना : भारत में विधि का इतिहास-83

पटना उच्च न्यायालयपटना उच्च न्यायालयबिहार और उड़ीसा कलकत्ता प्रेसीडेंसी के ही भाग थे। 1912 में बिहार और उड़ीसा को बंगाल से अलग कर एक अलग प्रांत बनाया गया। तभी यह निश्चित हो गया था कि इस प्रांत के लिए अलग उच्च न्यायालय होना आवश्यक है। 22 मार्च 1912 को
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
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