क्यों है हमारा कानून इतना लचीला? क्यों अपील करने पर दोषी को बाइज्जत बरी कर दिया जाता है?
आश्चर्य होता है मुझे कि हमारा कानून इतना लचीला क्यों है। क्यों एक तरफ हमारा कानून एक आरोपी को दोषी ठहराकर फांसी और दूसरे ही पल उसी आरोपी को बाइज्जत बरी कर देता है। या तो पहले वाली अदालत ने गलत फैसला दिया या फिर दूसरी अदालत याने की ऊपरी अदालत ने गलत फैसला
Sep 11 2009 09:49 PM



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