सन 47 को याद करते हुए — केदारनाथ सिंह की कविता
(1947 में हमारे दिलों पर एक लकीर—बल्कि चीरा—खींच दिया गया था। दुनिया की बड़ी ताकत और उनकी छोटे साझीदारी ताकतों द्वारा देश के आम अवाम को जर्बदस्ती हिन्दुस्तान और पाकिस्तान नाम के दो मुल्क में बांट दिया गया था। उनके फायदे उनके लिए थे। लेकिन इंसानियत
Aug 15 2009 09:25 AM



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