एक अंतहीन इन्तजार...........!
इन्तजारकिसी अच्छे पल काकितना मुश्किल होता है?लगता हैठहर गयी काल की गतिसुइंयाँ रुक गयीं सूरज और चाँद भीरुक गए हैंकिसी इन्तजार में.बयार गगन में सहमी सीकिसी संकेत के इन्तजार मेंअधर में लटकी सीत्रिशंकु बनी है.और हमसांस थामेदेख रहे हैंऐसे काल परिवर्वन की
Jun 11 2010 02:11 PM



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