जीवन वृक्ष !
नव पल्लव साअद्भुत बचपन और चलेदो चार कदम तो डाल पकी औ'बन गया पौधा,अपने पैरों खड़ा हुआफिर तो जीवन के चरणों सानित नव विकसित किशोर, युवा सावृक्ष वही सम्पूर्ण हुआ.शाखों पे शाखेंपल्लव की उस घनी छाँव में अपने ही पौधों को पालाआया माली काट
Jun 17 2010 02:52 PM



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