सीमा आज़ाद की गिरफ्तारी : लोकतन्त्र का लबादा खूंटी पर, दमन का चाबुक हाथ में
ज़रूरी नहीं फ़ासीवाद केवल धर्म का चोला पहनकर ही आए, वह लोकतन्त्र का लबादा ओढ़कर भी आ सकता है। और ऐसा हो भी रहा है। चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद कई लोगों ने खुशी जाहिर की थी और उन्हें लगा था कि चुनावों ने फासिस्ट भाजपा को हाशिये पर धकेल दिया है।
Feb 27 2010 04:40 PM



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