तसलीमा नसरीन और मक़बूल फ़िदा हुसैन
अमर ज्योति तसलीमा नसरीन एक बार फिर चरचा में हैं। इस बार मुद्दा है कर्नाटक के किसी अख़बार में प्रकाशित उनके किसी लेख का कथित अनुवाद। कथित इस लिये क्योंकि स्वयं तसलीमा ने उक्त अख़बार के लिये ऐसा कोई लेख लिखने से इन्कार किया है। उन्होंने लिखा या नहीं यह एक
Mar 04 2010 06:14 PM



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