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सांसरिक चतुराई तो हर कोई सीख लेता है-हिन्दू धर्म सन्देश

लिखना पढ़ना चातुरी, यह संसारी जेव। जिस पढ़ने सों पाइये, पढ़ना किसी न सेव। संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते है कि लिखना, पढ़ना चतुराई करना यह तो संसार की सामन्य बातें हैं। जिस परमात्मा का नाम पढ़कर समझना चाहिये उसे कोई नहीं मानता। ज्ञानी ज्ञाता बहु मिले, पण्डित कवी
 
दीपक भारतदीप