मीडिया आपको क्यों बनाए सेलिब्रिटी
हिन्दीबाजी-7~अभिषेक कश्यप*भाग-6 से आगे॰॰॰॰हिंदी के लेखकों-बुद्धिजीवियों की कुछ तकलीफें शाश्वत किस्म की हैं। मगर इनमें शायद सबसे अहम शिकायत यह है कि हमें कोई पूछता नहीं। मतलब एक लेखक और बुद्धिजीवी के तौर पर हमारी कोई आईडेंटिटी नहीं।पिछले हफ्ते मैं तीसीयों
May 06 2010 05:29 PM



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