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जुबां का रिश्ता-हिन्दी शायरी
आखों से अब अश्क नहीं बहते
क्योंकि दर्द का दरिया सूख गया है,
जहां दिल लगाया
दिल्लगी समझ जमाने ने मुंह फेरा
अब बयां नहीं करते किसी से अपने हाल
अपनी ही हकीकतों से
हमारी जुबां का रिश्ता टूट गया है।
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उनकी प्यार भरी निगाहें
देखकर हमने
Mar 26 2010 10:35 PM



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