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चिराग और शमां-हिन्दी शायरी (chirag aur shama-hindi shayari)
चिराग के सहारे शमां खड़ी है,पर अपनी आजादी के लिये हमेशा लड़ी है। मुश्किल यह है किचिराग और शमां के मिलाप से पैदा होती रौशनी काहिसाब कोई नहीं करता,बस, थोड़ी हवो से हिचकौले खाती शमां की गुलामी पर हर कोई आहें भरता,लोग देखना चाहते हैंदोनों के अलग अलग होने का
Jun 04 2010 11:02 PM



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