पसंद करें
0
नापसंद करें

कर्जे और किश्तों में जिंदगी-आलेख और कविता (loan and lifr-hindi article and poem)

आजकल कर्जे लेकर सामान खरीदने का एक रिवाज चल रहा है। अमीर न होने पर भी वैसा दिखने वालों की चाहत पूरा करना आसान हो गया है। किश्तों पर अपने लक्ष्य की किश्ती चलाना आसान लगता है पर उसे निभाना उतना सहज नहीं रह जाता। एक आम मध्यम या निम्न वर्गीय व्यक्ति के लिये
 
दीपक भारतदीप
पसंद करें
0
नापसंद करें

जब फैशन तनाव बने-हिन्दी आलेख (fashan is tension-hindi article)

अखबार में पढ़ने को मिला कि ब्रिटेन में महिलायें क्रिसमस पर ऊंची ऐड़ी (हाई हील) के जूते पहनने के लिये इंजेक्शन लगवा रही हैं। उससे छह महीने तक ऐड़ी में दर्द नहीं होता-भारतीय महिलायें इस बात पर ध्यान दें कि अंग्रेजी दवाओं के कुछ बुरे प्रभाव ( साईड इफेक्ट्स) भी
 
दीपक भारतदीप
पसंद करें
0
नापसंद करें

योग केवल सांस लेने की क्रिया नहीं है-आलेख (yog aur asan-hindi lekh)

वह योगासन शिक्षक हैं न कि एक संपूर्ण योग गुरु-कम से कम योग के संबंध में उनका से कथन कि ‘योग तो एक सांस लेने की क्रिया  है’ यही समझा में आ सकता है। जिस भारतीय योग को हम जानते हैं उसके आठ भेद हैं-यम,नियम,आसन,प्राणायाम,प्रत्यहार,धारणा,ध्यान
 
दीपक भारतदीप