हेमा मालिनी जी, लोगों का काम है घूरना
हेमा मालिनी जी,चश्मे बद्दूर । आज भी आपकी नज़र उतारने की आवश्यकता पड़ रही है हमको ।हम आपके उद्गारों को अनसुना नहीं कर सकते । शोले फिल्म की शूटिंग के समय हम नहीं थे, नहीं तो हम गब्बर को गोली ही मार देते । वैसे ठीक भी हुआ क्योंकि हम ठहरे सरकारी कर्मचारी ।
Mar 02 2010 05:14 PM



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