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नरक के रस्ते
…तकिया गीली है।आँखें सीली हैं?आँसू हैं या पसीना ?अजीब मौसमआँसू और पसीने में फर्क ही नहीं !...... कमरे में आग लग गई है।आग! खिड़कियों के किनारेचौखट के सहारे दीवारों पर पसरीछत पर दहकती सब तरफ आग ! बिस्तर से उठती लपटेंकमाल है एकदम ठंडी लेकिन शरीर
Jun 08 2010 08:32 AM



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