पसंद करें
3
नापसंद करें

हफीज मेरठी : शायर के खून और पसीने से टपके सात सुर

शानो शौकत के लिये तू परेशान है और मेरी य’ तमन्ना कि तेरा किरदार बने यह बाँकपन है हमारा कि जुल्म पर हमने बजाय माला ओ फरियाद के शाइरी की है पैगाम ये मिला है जनाबे हफीज को अंजाम पहले सोच लें तब शाइरी करे पैरहन की मैने जब तारीफ की कहने लगे हम तुम्हे [...]
 
स्वार्थ
पसंद करें
2
नापसंद करें

हफीज मेरठी : तीन मोती शायर की विरासत से

कुछ लोग शायद परिचित न हों उर्दू के शायर मरहूम हफीज मेरठी और उनकी शायरी से। मेरठ के रहने वाले हफीज साब ने जिन्दगी से जुड़ी हुयी शायरी की। उनकी शायरी को केवल समय बिताने का ख्याल लिये हुये नहीं पढ़ा जा सकता क्योंकि उनके शब्द पढ़ने वाले को अन्दर तक झकझोरते हैं।