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ब्लॉग फ़ार्मेट टिप्स: मैं कैसे हिंदी चिट्ठे नहीं पढता

बात पठनीयता की नहीं कर रहा, बात प्रस्तुति की कर रहा हूं. मन तो होता है कि जितने हो सके उतने हिन्दी चिट्ठे पढूं लेकिन मैने नोट किया है कि मैं प्रस्तुति के आधार पर कुछ चिट्ठों को पढ ही नही सकता, चाहे वो हिंदी में हों या किसी और भाषा में. तो कैसे चिट्ठे
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सब तक बात पहुंचाने का माध्यम है हिन्दी

भारतीय रेल में कार्यरत अधिकारी हर्ष कुमार द्वारा निर्मित निःशुल्क ट्रू टाईप फाँट शुषा खासा लोकप्रिय फाँट है जिसने भारतीय भाषाओं को इंटरनेट व डेस्कटॉप प्रकाशन तक पहुंचाने में योगदान दिया। हर्ष से सामयिकी की बातचीत।