Photo courtesy: RosenRedदेवेन्द्र प्रकाश मिश्र* ग्रीष्मकाल शुरू होते ही गावों में ही नहीं प्रदेश के जंगलों में आग लगने का दौर शुरू हो जाता है। आग द्वारा मचाई जाने वाली तबाही एवं बर्वादी से हजारों लोग बेघर होकर खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को बिवश हो
शोएब और सानिया के किस्से में अब कोई जान नहीं रही। सिवाय इस के कि शादी की शान क्या होगी? कैसे कपड़े होंगे? अब दुल्हा-दुल्हन करोड़ों के मालिक हैं तो उन की शादी में खर्च होंगे ही। आखिर इस महाद्वीप में धन की शान दिखाने का शादी से अच्छा मौका कोई दूसरा
''महफ़ूज़ अली की कविता ''fire is still aliveBut what of the fire ?Its wood has been scattered.,But the embers still dance .Though the fire is tinyIt survived.Though the fire is weakIt's still alive by mehafooz ali
नहीं नहीं, मैं खां साहेब कि बात नहीं कर रहा ... ना ही उस उस दुष्ट बल्लेबाज की जो तुम्हारी आदतन फैंके गए चौथी स्लो डिलीवरी पर रिवर्स खेल गया... और ना ही ओबामा के अचानक इराक दौरे की बात कर रहा हूँ...मैं तो उस दीये की बात करूँगा ना जो शक्तिहीन है,