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सेंट पेट्रिक्स डे

यहाँ और वहाँ में क्या है फ़र्क?पेश हैं कुछ ताजा तर्कवहाँ के लोग बनाए घरयहाँ के बिल्डर्स बनाए हाऊसवहाँ के बिल पाले चूहेंयहाँ के बिल बेचे 'माऊस'वहाँ के लोग करे 'मिस्ड कॉल'यहाँ के लोग करे 'मिस कॉल'यहाँ का प्रेसिडेंट अभी तक 'मेल'वहाँ की प्रेसिडेंट एक
 
Rahul Upadhyaya
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नव-वर्ष - 1 जनवरी को या चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को?

कहने लगे अग्रज मुझसेतुम तो पूरे अंग्रेज़ होअपनी ही संस्कृति सेकरते परहेज़ हो1 जनवरी को हीमना लेते हो नया सालजबकि चैत्र मास मेंबदलता है अपना सालतुम जैसे लोगो की वजह से हीआज है देश का बुरा हालतुम में से एक भी नहींजो रख सके अपनी धरोहर को सम्हालमैंने कहाआप
 
Rahul Upadhyaya
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'हैप्पी होली' न हमसे बोली गई है

होली आई और होली गई हैलेकिन 'हैप्पी होली' न हमसे बोली गई हैभावनाओं की कद्र कौन करता है यारोभाषा के पलड़े में भावना तोली गई हैहम ही सही है और तुम सब गलत होकह कह के हम पे दागी गोली गई हैहिंदी हो, उर्दू हो या भाषा हो कोईइनके हिमायतियों की पोल कब खोली गई
 
Rahul Upadhyaya
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मैं ईश्वर के बंदों से डरता हूँ

हर 'हेलोवीन' पे मैं दर पे कद्दू रखता हूँ लेकिन क्रिसमस पे नहीं घर रोशन करता हूँ क्यों? क्योंकि मेरे देवता तुम्हारे देवता से अलग है लेकिन हमारे भूत-प्रेत में न कोई अंतर है सब क्रिसमस के पहले खरीददारी करते हैं मैं क्रिसमस के बाद खरीददारी करता हूँ क्यों
 
Rahul Upadhyaya
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क्रिसमस

छुट्टीयों का मौसम है त्योहार की तैयारी है रोशन हैं इमारतें जैसे जन्नत पधारी है कड़ाके की ठंड है और बादल भी भारी है बावजूद इसके लोगो में जोश है और बच्चे मार रहे किलकारी हैं यहाँ तक कि पतझड़ की पत्तियां भी लग रही सबको प्यारी हैं दे रहे हैं वो भी दान जो
 
Rahul Upadhyaya
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शुभकामनाओं की मियाद

साल दर साल मन में उठता है सवाल शुभकामनाओं की मियाद क्यूं होती है बस एक साल? चलो इसी बहाने पूछते तो हो एक दूसरे का हाल साल दर साल जब जब आता नया साल
 
Rahul Upadhyaya
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करवा चौथ

भोली बहू से कहती हैं सास तुम से बंधी है बेटे की सांस व्रत करो सुबह से शाम तक पानी का भी न लो नाम तक जो नहीं हैं इससे सहमत कहती हैं और इसे सह मत करवा चौथ का जो गुणगान करें कुछ इसकी महिमा तो बखान करें कुछ हमारे सवालात हैं उनका तो समाधान करें डाँक्टर कह
 
Rahul Upadhyaya
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भगवान के नाम पर कचरा फेंको, तमाशा देखो

छम्मक्छल्लो खुश भी है और दुखी भी। खुश इसलिये कि वसंत पंचमी आई, मां सरस्वती की आराधना की, “वीणा पुस्तक रंजित हस्ते, भगवति भारति देवि नमस्ते” के नारे लगाए। चूरण, बुंदिया, बेर, केसौर के प्रसाद चढाए। जन्माष्टमी आई, कृष्ण झांकी बनी, रात के बारह बजे तक उपव
 
विभा रानी
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मनाओ होली, मनाओ सेंट पेट्रिक्स डे

यहाँ और वहाँ में क्या है फ़र्क? पेश हैं कुछ ताजा तर्क वहाँ के लोग बनाए घर यहाँ के बिल्डर्स बनाए हाऊस वहाँ के बिल पाले चूहें यहाँ के बिल बेचे 'माऊस' वहाँ के लोग करे 'मिस्ड कॉल' यहाँ के लोग करे 'मिस कॉल' यहाँ का प्रेसिडेंट अभी तक 'मेल' वहाँ की प्रेसिडें
 
Rahul Upadhyaya
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हेप्पी होली

न्यू-यिअर पर 'विश' किया बर्थ-डे पर 'विश' किया जब भी कोई मौका आया मैंने उन्हें 'विश' किया होली की 'विश' दी तो हाथ उन्होने खींच लिया क्रोधित हो उन्होने मुझे आड़े हाथ लिया "आप क्यूं बोलते हैं हिंग्लिश? जब भी आप करते हैं 'विश' तब ऐसा लगता है कि आप दे रहे
 
Rahul Upadhyaya
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होली मनाना मना है

ठिठुरती ठंड में न दिलाओ होली की याद कांपती है देह सुनते ही ठंडाई का नाम बर्फ़ीली हवाओं वाले इस मौसम में पागल ही होगा जो निकलेगा रजाई से आज ठिठुरती ठंड भगाए होली की आग झूमता है मन पी के भांग का गिलास नशीली अदाओं वाले इस मौसम में पागल ही होगा जो न रंगे
 
Rahul Upadhyaya
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